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April 4, 2019

मेरी आत्म कथा

                         मेरी आत्म कथा  

 लेखक :-    सचिन बागड़ी                                                        

   जब रोहन लगभग 10 साल का था तब उसकी मां उसे इस दुनिया से छोड़ कर चली गई थी रोहन अपनी मां से बहुत प्यार करता था अपनी मां के बिना 1 सेकंड भी नहीं रह सकता था मां के चले जाने के बाद रोहन दुखी दुखी रहता था उसका मन किसी भी काम में नहीं लगता था रोहन के माहिर की आत्मा थी मां का प्यार वह कभी भी अपनी जिंदगी में नहीं भूल पाएगा फिर वह अपने पिता के साथ अपना जीवन व्यतीत करता था पर उसे नहीं पता था कि उसकी मां उसकी आत्मा जीवन की हर दुख सुख में उसकी मां उसको हमेशा साथ देती थी उसकी मां के साथ बिताया गया समय उसे हमेशा याद दिलाता था रोहन का जीवन बेहाल हो गया था ना अच्छे से खाता था ।मैं अच्छे से सोता था। रोहन अपनी मां के साथ ही रहता था ।जो तो क्या उसकी मां कहती थी उसके पिता का प्यार नहीं दे पाए वह बचपन से ही मां को मां की आवाज सुनने को तरस गए थे ।रोहन को नहीं पहचाना कि उसकी  मां बचपन में छोड़कर चले जाएगी। उसकी किस्मत में अपनी मां का प्यार नहीं था फिर भी अपनी मां को अपनी आत्मा मानता था भगवान उसकी मां की आत्मा को शांति दे। 

Mera bharat