हेलो दोस्तों आप सभी को अपने दैनिक जीवन में आंवला खाने के फायदे बताओ । वैसे दोस्तों आप सभी ने आंवला के बारे में तो बहुत कुछ सुना होगा। वैसे दोस्तों आंवला एक प्रकृति युक्त आयुर्वेदिक औषधि पौधा है । हमारी भारतीय संस्कृति में कुछ पौधे ऐसे हैं। जिनके हम पूजा करते हैं उन्हें हम भगवान की देन मानते हैं। हमारी भारतीय हिंदू समाज में आंवले के पेड़ की पूजा की जाती है। जिसे हम आंवला नवमी कहते हैं । हां दोस्तों यह तो आपने सुना होगा।
चलिए जानते हैं ।आंवले के सेवन से हमारे शरीर को फायदे होते हैं ।आंवला एक प्रकृतिक युक्त पौधा है आंवले में सबसेे ज्यादा विटामिन c पाया जाता जिसे हम लैक्टिक अम्ल भी कहतेे हैं । जिन लोगों को आंखो सेे देखने समस्या आती है । उन लोगों के लिए आंवला में सबसे बेहतर आयुर्वेद माना है । सबसेेे पहले आंवले को उबाल ले । आंवला उबलने के बाद आंवले के छोटे-छोटे टुकड़े कर ले आंवले के ऊपर पीसा हुआ काला नमक डालकर धूप मेंें 4 से 5 दिन तक सुखा लें। 4 से 5 दिन तक सूख जानेेे के बाद इसका सेवन सुबह खाली पेट करें । जिससेेेे आपकी देखने की क्षमता अधिक बढ़ जाएगी या फिर आप आंवले काा मुरब्बा मुरब्बा बनाकर इसका सेवन सुबह खाली पेट करें ।जिन लोगों को मोतियाबिंद जैसीी बीमारियां होने का खतरा होता है। उनके लिए आंवला सबसे बेहतर माना गया है।
चलिए जानते हैं ।आंवले के सेवन से हमारे शरीर को फायदे होते हैं ।आंवला एक प्रकृतिक युक्त पौधा है आंवले में सबसेे ज्यादा विटामिन c पाया जाता जिसे हम लैक्टिक अम्ल भी कहतेे हैं । जिन लोगों को आंखो सेे देखने समस्या आती है । उन लोगों के लिए आंवला में सबसे बेहतर आयुर्वेद माना है । सबसेेे पहले आंवले को उबाल ले । आंवला उबलने के बाद आंवले के छोटे-छोटे टुकड़े कर ले आंवले के ऊपर पीसा हुआ काला नमक डालकर धूप मेंें 4 से 5 दिन तक सुखा लें। 4 से 5 दिन तक सूख जानेेे के बाद इसका सेवन सुबह खाली पेट करें । जिससेेेे आपकी देखने की क्षमता अधिक बढ़ जाएगी या फिर आप आंवले काा मुरब्बा मुरब्बा बनाकर इसका सेवन सुबह खाली पेट करें ।जिन लोगों को मोतियाबिंद जैसीी बीमारियां होने का खतरा होता है। उनके लिए आंवला सबसे बेहतर माना गया है।
